सरकार का कहना है कि इस कदम से घरेलू उपभोग बढ़ेगा और अमेरिकी टैरिफ से उत्पन्न आर्थिक दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। नई दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी।
खाद्य पदार्थ: चपाती, परांठा, दूध, पनीर, पिज़्ज़ा ब्रेड, मक्खन, घी, सूखे मेवे, जूस, आइसक्रीम, पेस्ट्री, बिस्किट, कॉर्न फ्लेक्स और अन्य खाद्य वस्तुएँ।
घरेलू सामान: टूथपेस्ट, साबुन, शैम्पू, हेयर ऑयल, किचनवेयर, साइकिल, छतरी और बाँस फर्नीचर।
इलेक्ट्रॉनिक्स: टीवी, एयर कंडीशनर और डिशवॉशर।
स्टेशनरी: पेंसिल, नोटबुक, क्रेयान, चार्ट, ग्लोब और इरेज़र।
कपड़े और जूते: टेक्सटाइल व फुटवियर।
स्वास्थ्य: जीवनरक्षक दवाएँ, मेडिकल उपकरण, चश्मे, ऑक्सीजन और डायग्नोस्टिक किट।
बीमा: जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी शून्य।
होटल व हवाई यात्रा: ₹7,500 तक का होटल किराया और इकोनॉमी क्लास टिकट।
वाहन: 350cc तक की मोटरसाइकिल, छोटे हाइब्रिड व इलेक्ट्रिक वाहन, सीमेंट और ऑटो पार्ट्स।
कृषि: ट्रैक्टर, कृषि मशीनें, खाद, बायोपेस्टीसाइड और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स।
सेवाएँ: जिम, योग, सैलून और फिटनेस सेवाएँ।
📌 विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी में यह बड़ा बदलाव आम उपभोक्ताओं को राहत देगा और ग्रामीण क्षेत्रों में खरीद क्षमता बढ़ाएगा, जबकि लग्ज़री व उच्च श्रेणी के उत्पाद महंगे होंगे।