दतिया — मध्यप्रदेश के दतिया जिले के गोदन थाना परिसर में मंगलवार सुबह उप निरीक्षक (ASI) प्रमोद पवन (51) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह अनुसूचित जाति वर्ग से थे और थाने में ही सरकारी आवास में रह रहे थे। आत्महत्या से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर कई वीडियो पोस्ट कर पुलिस अधिकारियों और रेत-जुआ माफिया के गठजोड़ के गंभीर आरोप लगाए।
वीडियो में लगाए गए आरोप
एएसआई ने अपने वीडियो में आरोप लगाया कि—
गोदन थाना प्रभारी अरविंद सिंह भदौरिया, थाने के कांस्टेबल-कम-ड्राइवर रूप नारायण यादव और थरेट थाना प्रभारी अनफसुल हसन उनके साथ मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने रेत माफिया बबलू यादव के अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका, तभी से उन पर दबाव और धमकियां बढ़ गईं।
उनके अनुसार, इन पुलिसकर्मियों और रेत माफिया ने उन्हें ट्रैक्टर से कुचलकर मार डालने की धमकी दी।
जातिसूचक गालियां दी जाती थीं, थाने से बाहर जाने नहीं दिया जाता था और जरूरी दस्तावेज जैसे आधार और समग्र आईडी तक बनवाने नहीं जाने दिया गया।
जुआ माफिया का भी जिक्र
एक अन्य वीडियो में एएसआई पवन ने आरोप लगाया कि—
गोदन थाना क्षेत्र में रघु यादव, रामलखन यादव और रामराजा यादव के 5-6 स्थानों पर खुलेआम जुआ चल रहा है।
इन जुआ अड्डों को थाना प्रभारी अरविंद सिंह भदौरिया और कांस्टेबल-कम-ड्राइवर रूप नारायण यादव का संरक्षण प्राप्त है।
इन जुआ अड्डों के कारण पिछले कुछ वर्षों में कई हत्याएं हुई हैं, जिनमें 2024 में हुई नरेंद्र यादव की हत्या भी शामिल है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कांस्टेबल रूप नारायण यादव के कॉल डिटेल्स की जांच की जाए तो कई हत्याओं से जुड़े अहम सबूत सामने आएंगे।
घटना और जांच
मंगलवार सुबह उनका शव सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके से सबूत जब्त कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को भी साक्ष्य के रूप में लिया जा रहा है।