मध्य प्रदेश में बढ़ते गोल्ड लोन घोटाले, ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह
भोपाल/डबरा/उज्जैन। मध्य प्रदेश में बैंक और निजी गोल्ड फाइनेंस कंपनियों से जुड़े गोल्ड लोन धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। हाल ही में सामने आए कुछ प्रमुख मामले इस प्रकार हैं:
1. UCO बैंक, भोपाल – ₹25 करोड़ का गोल्ड लोन घोटाला (2025)
घटना: बैंक की भोपाल शाखाओं में तीन ज्वेलर्स और कुछ बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से ₹25 करोड़ का लोन धोखाधड़ी हुआ।
विवरण: ज्वेलर्स ने नकली सोने के गहनों के आधार पर लोन स्वीकृत करवाए।
कार्रवाई: CBI ने FIR दर्ज की और जांच जारी है।
(Banking News2)
2. शाहपुर, उज्जैन – गोल्ड लोन धोखाधड़ी (2024)
घटना: कई बैंक शाखाओं में नकली सोने के आधार पर लोन लिया गया और भुगतान नहीं किया गया।
कार्रवाई: EOW ने FIR दर्ज की और जांच शुरू की।
(Free Press Journal)
3. भोपाल – निजी गोल्ड फाइनेंस कंपनी से ₹3.25 लाख की धोखाधड़ी (2025)
घटना: शाहपुरा में आरोपी ने दावा किया कि उसने अपना सोना अन्य कंपनी में गिरवी रखा है और उच्च लोन राशि पर स्थानांतरित किया। बैंक ने बिना वास्तविक सोने की जांच किए चेक जारी किया।
कार्रवाई: पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश जारी है।
(The Times of India)
4. नागपुर – नकली सोने के गहनों के आधार पर ₹3.41 लाख का लोन (2025)
घटना: आरोपी ने तीन नकली सोने की चूड़ियों के साथ लोन आवेदन किया। बैंक ने बिना जांच लोन स्वीकृत किया।
कार्रवाई: पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच जारी है।
(The Times of India)
5. डबरा – मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड में ₹4.5 करोड़ का घोटाला
घटना: 26 ग्राहकों के लॉकरों से करीब 4.38 किलोग्राम असली सोने को निकालकर नकली सोने से बदल दिया गया।
कार्रवाई: आंतरिक ऑडिट के दौरान मामला उजागर हुआ। पुलिस जांच में जुटी है।
(Hello Banker)
विश्लेषण और सिखावन:
बैंक और वित्तीय संस्थानों में आंतरिक नियंत्रण और निगरानी की कमी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देती है।
कर्मचारी की लापरवाही और ग्राहकों की धोखाधड़ी से वित्तीय संस्थानों की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।
ग्राहकों के लिए सुरक्षा सुझाव:
गहनों की प्रमाणिकता जांचें – लोन लेने से पहले प्रमाणित ज्वेलर से जांच करवाएं।
बैंक नीतियों को समझें – स्वीकृत राशि, ब्याज दर और शर्तें जानें।
दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित करें – सभी कागजात जांचें।
सावधानी से निर्णय लें – लोन चुकाने की क्षमता का आकलन करें।
असामान्य गतिविधि पर तुरंत संपर्क करें – शाखा प्रबंधक या ग्राहक सेवा से संपर्क करें।
