ग्वालियर जिले के डबरा कस्बे में संचालित अपना घर आश्रम में रह रहे युवक सिल्वराज (प्रभुजी) का आधार कार्ड के माध्यम से उसके परिवार से मिलन हुआ।
दरअसल, सिल्वराज को वर्ष 2023 में चूरू (राजस्थान) से रेस्क्यू कर डबरा लाया गया था। वह अपने बारे में बताने में असमर्थ था, इसलिए उसे आश्रम में ही देखभाल मिलती रही।
📌 कैसे हुआ परिवार से संपर्क
कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर एसडीएम डबरा दिव्यांशु चौधरी ने सिल्वराज का आधार कार्ड बनवाया।
आधार से तमिलनाडु के कृष्णापुरम स्थित उसका पता सामने आया।
आश्रम संचालक मनीष पाण्डेय ने गूगल और स्थानीय पुलिस की मदद से उसके माता-पिता से वीडियो कॉल पर बात कराई।
👨👩👦 माता-पिता ने भावुक होकर बताया कि सिल्वराज 10 साल से लापता था और उन्हें उम्मीद भी नहीं थी कि वह जीवित मिलेगा।
तमिलनाडु की दूरी अधिक होने से परिवार उसे लेने नहीं आ सका, जिस पर श्रद्धा फाउंडेशन मुंबई की टीम डबरा आई और सिल्वराज को उसके घर तक पहुँचाया।
➡️ यह पहल दिखाती है कि तकनीक और मानवीय संवेदना मिलकर किस तरह से खोए रिश्तों को जोड़ सकती हैं।
