पहूज नदी तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मनाया गया श्रावणी पर्व
उनाव। ब्राह्मण समाज का प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान श्रावणी उपाकर्म शनिवार को उनाव बालाजी से प्रवाहित पहूज नदी के पवित्र तट पर पूर्ण श्रद्धा एवं आस्था के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वेदपाठी आचार्यों ने देवताओं, ऋषियों एवं पितरों का तर्पण कराया। तत्पश्चात पंचगव्य का पान कर सामूहिक रूप से वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
पंडित राजीव लोचन पटैरिया के कुशल आचार्यत्व में ब्राह्मणों ने सामूहिक मंत्रोच्चार के साथ चारों वेदों के सूक्तों का पाठ, भगवान विष्णु का पूजन, हेमाद्रि प्रायश्चित्त संकल्प, भगवान सूर्य की आराधना एवं यज्ञोपवीत धारण कर प्राणायाम किया।
आचार्य पटैरिया ने बताया कि श्रावणी उपाकर्म से देवताओं, ऋषियों और पितरों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि होती है तथा जीवन में सुख, समृद्धि और रोग-मुक्ति मिलती है।
इस अवसर पर हरिओम शर्मा, श्याम पंडा, विनोद पंडा, कृष्णकांत लिटौरिया, राकेश पंडा पटवारी, लल्लू पंडा, अन्नू पंडा, राजकुमार शर्मा, लवकुश पंडा, नानू शर्मा, आयुष लिटौरिया, अमित चतुर्वेदी, रचित पंडा, रेशु पंडा, गोपी पंडा, पीयूष लिटौरिया, ईशु पंडा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
