मध्यप्रदेश का ऐतिहासिक रत्न ग्वालियर, जहां की हवा में विरासत, संस्कृति और संगीत की आत्मा बसती है, आज भी पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ग्वालियर के पर्यटन क्षेत्रों का तेजी से विकास हो रहा है। ऐतिहासिक ग्वालियर किला, सास बहू के मंदिर, मान मंदिर, गुजरारी महल संग्रहालय और तानसेन की समाधि जैसे स्थलों को बेहतर सुविधाओं, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता से सुसज्जित किया जा रहा है।
राज्य सरकार का उद्देश्य ग्वालियर को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए बुनियादी ढांचा, परिवहन सुविधा, सांस्कृतिक आयोजन और हेरिटेज संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
📌 ग्वालियर की खासियतें
ऐतिहासिक धरोहर और स्थापत्य कला
विश्वविख्यात तानसेन संगीत समारोह
समृद्ध किलों और महलों का इतिहास
अनूठा काष्ठकला और हस्तशिल्प
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि विकास कार्यों की रफ्तार बरकरार रही, तो आने वाले समय में ग्वालियर देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक “मस्ट विज़िट डेस्टिनेशन” बन जाएगा।
