कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि –
➡️ एलीवेटेड रोड के दोनों चरणों के कार्य में तेजी लाएं।
➡️ पर्याप्त मशीनरी व संसाधन बढ़ाएं।
➡️ जहाँ आवश्यकता हो, एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) से तत्काल अनुमतियां प्राप्त करें।
➡️ निर्माण में बाधा बन रहे अतिक्रमण बरसात खत्म होते ही हटवाए जाएं।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि निर्माण के दौरान शहरवासियों को यातायात व धूल की समस्या न हो, इसके लिए महानगरों की तर्ज पर दोनों ओर ढककर कार्य किया जाए।
📌 प्रथम चरण का कार्य 447 करोड़ की लागत से चल रहा है, जिसमें से 70% कार्य पूर्ण हो चुका है।
📌 द्वितीय चरण पर 926 करोड़ की स्वीकृति, जिसमें से लगभग 18% कार्य सम्पन्न।
बैठक में एसडीएम, भू-अर्जन अधिकारी एवं लोक निर्माण विभाग (सेतु) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
