औद्योगिक और ऊर्जा क्रांति का आधार बनेगी नई हाइड्रोजन इकाई : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
चंबल के बीहड़ अब बन रहे विकास की नई पहचान | मुरैना उभर रहा है औद्योगिक हब | ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट से युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुरैना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मुरैना जिले के पिपरसेवा औद्योगिक क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन निर्माण इकाई का भूमि-पूजन किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुरैना की ऐतिहासिक धरती पर स्थापित हो रही यह इकाई नई औद्योगिक और ऊर्जा क्रांति का आधार बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा – “जो मुरैना कभी बीहड़ों के लिए जाना जाता था, वही अब विकास, उद्योग और प्रगति की नई पहचान बना रहा है।”
ग्वालियर-चंबल बन रहा निवेश और नवाचार का केन्द्र
अप्रैल 2024 से अब तक ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में 220 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित
12,500 करोड़ रु. से अधिक का निवेश प्रस्तावित
21,000 से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार
मालनपुर में 1500 करोड़ रु. का निवेश
सीतापुर में फुटवियर क्लस्टर से 1200 रोजगार की संभावना
ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना से 500 प्रत्यक्ष रोजगार
पीएम मोदी की दूरदृष्टि और प्रदेश की औद्योगिक छलांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर एक मार्गदर्शक राष्ट्र बन रहा है।
ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी एनर्जी स्टोरेज जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से जुड़कर मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा
“आज का दिन मुरैना के विकास के लिए ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है।”
धार्मिक आस्था से जुड़ा कार्यक्रम
मुरैना प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने शनिचरा मंदिर के नवनिर्मित तोरण द्वार का उद्घाटन किया और शनि महाराज की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
